Reads 63 times
PANDIT KSHEMKARANDAS TRIVEDI
पवित्र आचरण के लिये उपदेश।
Word-Meaning: - (पवमानः) पवित्र परमेश्वर (मा) मुझे (क्रत्वे) उत्तम कर्म वा बुद्धि के लिये, (दक्षाय) बल के लिये, (जीवसे) जीवन के लिये (अथो) और भी (अरिष्टतातये) कल्याण करने के लिये (पुनातु) शुद्ध आचरणवाला करे ॥२॥
Connotation: - मनुष्य वेद द्वारा विज्ञान प्राप्त करके बुद्धि, बल और कीर्ति बढ़ा कर आप सुखी रहें और सब को सुखी रक्खें ॥२॥
Footnote: २−(पवमानः) पवित्रः परमेश्वरः (पुनातु) शुद्धाचारिणं करोतु (मा) माम् (क्रत्वे) अ० ४।३१।६। उत्तमकर्मणे प्रज्ञायै वा (दक्षाय) अ० २।२९।३। प्रवृद्धाय बलाय (जीवसे) तुमर्थे सेसेन०। पा० ३।४।९। इति जीव प्राणधारणे−असे। जीवनार्थम् (अथो) अपि च (अरिष्टतातये) अ० ३।५।५। क्षेमकरणाय ॥
