Devata: चन्द्रमाः, देवजनः, मनुवंशी, समस्तप्राणिनः
Rishi: शन्ताति
Chhanda: अनुष्टुप्
Swara: पावमान सूक्त
PANDIT KSHEMKARANDAS TRIVEDI
पवित्र आचरण के लिये उपदेश।
Word-Meaning: - (देवजनाः) विजय चाहनेवाले वा व्यवहारकुशल पुरुष (मा) मुझे (धिया) कर्म वा बुद्धि से (पुनन्तु) शुद्ध करें, (मनवः) मननशील विद्वान् लोग (पुनन्तु) शुद्ध करें। (विश्वा) सब (भूतानि) प्राणीमात्र (मा) मुझे (पुनन्तु) शुद्ध करें, (पवमानः) पवित्र परमात्मा (पुनातु) शुद्ध करे ॥१॥
Connotation: - माता पिता और आचार्य आदि विद्वान् पुरुष संतानों को परमेश्वर के ज्ञानसहित ब्रह्मचर्य और सुशिक्षा से धार्मिक सुशील बनावें ॥१॥ यह मन्त्र कुछ भेद से ऋग्वेद में है−म० ९ सू० ६७ म० २७ और यजु० अ० १९ म० ३९ ॥
Footnote: १−(पुनन्तु) शोधयन्तु (मा) मां संतानम् (देवजनाः) विजिगीषवो व्यवहारिणो वा मनुष्याः (मनवः) शॄस्वृस्निहि०। उ० १।१०। इति मन ज्ञाने−उ। मननशीला विद्वांसः (धिया) कर्मणा−निघ० २।१। प्रज्ञया−निघ० ३।९। (विश्वा) सर्वाणि (भूतानि) प्राणिजातानि (पवमानः) अ० ३।३१।२। पवित्रः परमेश्वरः (पुनातु) शोधयतु (मा) माम् ॥
