Reads 67 times
PANDIT KSHEMKARANDAS TRIVEDI
गर्भाधान का उपदेश।
Word-Meaning: - (यथा) जैसे (इयम्) इस (मही) बड़ी (पृथिवी) पृथिवी ने (विष्ठितम्) विविध प्रकार से स्थित (जगत्) जगत् को (दाधार) धारण किया है। (एव) वैसे ही (ते) तेरा (गर्भः) गर्भ (सूतुम्) संतान को (अनु) अनुकूलता से (सवितवे) उत्पन्न करने के लिये (ध्रियताम्) धारण किया जावे ॥४॥
Footnote: ४−(विष्ठितम्) विविधं स्थितम् (जगत्) चराचरात्मकं ससारम्। अन्यद् गतम् ॥
