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दि॒वे चक्षु॑षे॒ नक्ष॑त्रेभ्यः॒ सूर्या॒याधि॑पतये॒ स्वाहा॑ ॥

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दिवे । चक्षुषे । नक्षत्रेभ्य: । सूर्याय । अधिऽपतये । स्वाहा ॥१०.३॥

Atharvaveda » Kand:6» Sukta:10» Paryayah:0» Mantra:3


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PANDIT KSHEMKARANDAS TRIVEDI

स्वास्थ्य की रक्षा का उपदेश।

Word-Meaning: - (चक्षुषे) दृष्टिशक्ति के लिये (दिवे) प्रकाश को, और (नक्षत्रेभ्यः) नक्षत्रों के लिये (अधिपतये) [प्रकाश के] बड़े रक्षक (सूर्याय) सूर्य को (स्वाहा) सुन्दर स्तुति है ॥३॥
Connotation: - मनुष्य प्रकाश और सूर्य के आकर्षण आदि गुणों को जानकर दृष्टि ओर नक्षत्र विद्या प्राप्त करें ॥३॥ इति प्रथमोऽनुवाकः ॥
Footnote: ३−(दिवे) प्रकाशाय (चक्षुषे) दर्शनशक्तये (नक्षत्रेभ्यः) नक्षत्रज्ञानेभ्यः (सूर्याय) अ० १।३।५। लोकप्रेरकाय दिवाकराय (अधिपतये) प्रकाशस्य महारक्षकाय ॥