Go To Mantra
Viewed 96 times

यथे॒यं पृ॑थि॒वी म॒ही भू॒तानां॒ गर्भ॑माद॒धे। ए॒वा द॑धामि ते॒ गर्भं॒ तस्मै॒ त्वामव॑से हुवे ॥

Mantra Audio
Pad Path

यथा । इयम् । पृथिवी । मही । भूतानाम् । गर्भम् । आऽदधे ।एव । आ । दधामि । ते । गर्भम् । तस्मै । त्वाम् । अवसे । हुवे ॥२५.२॥

Atharvaveda » Kand:5» Sukta:25» Paryayah:0» Mantra:2


PANDIT KSHEMKARANDAS TRIVEDI

गर्भाधान का उपदेश।

Word-Meaning: - (यथा) जैसे (इयम्) इस (मही) बड़ी (पृथिवी) पृथिवी ने (भूतानाम्) सब जीवों का (गर्भम्) गर्भ (आदधे) धारण किया है। (एव) वैसे ही (ते) तेरा (गर्भम्) गर्भ (आ) यथावत् (दधामि) स्थापित करता हूँ, (तस्मै) उस [गर्भ] के लिये (अवसे) रक्षा करने को (त्वाम्) तुझे (हुवे) मैं बुलाता हूँ ॥२॥
Connotation: - जैसे यह विशाल पृथिवी मेघ से गर्भ धारण करके अमूल्य रत्न उत्पन्न करती है, वैसे ही विशाल स्वभाववाली पत्नी अपने पराक्रमी पति के संयोग से साहसी विद्वान् सन्तान उत्पन्न करे ॥२॥
Footnote: २−(यथा) येन प्रकारेण (इयम्) दृश्यमाना (पृथिवी) भूमिः (मही) विशाला (भूतानाम्) प्राणिनाम् (गर्भम्) स्तुत्यं गर्भाशयम् (आदधे) सम्यग् धृतवती (एव) तथा (आ) समन्तात् (दधामि) स्थापयामि (ते) तव (तस्मै) गर्भहिताय (त्वाम्) पत्नीम् (अवसे) रक्षणाय (हुवे) आह्वयामि ॥