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यदि॑ त्रिवृ॒षोऽसि॑ सृ॒जार॒सोऽसि॑ ॥

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यदि । त्रिऽवृष: । असि । सृज । अरस: । असि ॥१६.३॥

Atharvaveda » Kand:5» Sukta:16» Paryayah:0» Mantra:3


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PANDIT KSHEMKARANDAS TRIVEDI

पुरुषार्थ का उपदेश।

Word-Meaning: - (यदि) जो तू (त्रिवृषः) तीन [सत्त्व, रज, और तम गुणों] पर ऐश्वर्यवान् (असि) है.... म० १ ॥३॥
Connotation: - मनुष्य सत्त्व, रज, तम तीनों गुणों के विज्ञान से उन्नति करें ॥३॥
Footnote: ३−(त्रिवृषः) त्रिगुणसत्त्वरजस्तमोविज्ञाने समर्थः ॥