Reads 61 times
PANDIT KSHEMKARANDAS TRIVEDI
ब्रह्म की उत्तमता का उपदेश।
Word-Meaning: - [हे ब्रह्म !] (मे) मेरे लिये तू (अश्मवर्म) पत्थर के घर [के समान दृढ़] (असि) है। (यः) जो (अघायुः) बुरा चीतनेवाला मनुष्य (प्रतीच्याः) पश्चिम वा पीछेवाली (दिशः) दिशा से…म० १ ॥३॥
Footnote: ३−(प्रतीच्याः) पश्चिमायाः। पश्चाद्भागे स्थितायाः ॥
