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PANDIT KSHEMKARANDAS TRIVEDI
ब्रह्म की उत्तमता का उपदेश।
Word-Meaning: - [हे ब्रह्म !] (मे) मेरे लिये तू (अश्मवर्म) पत्थर के घर [के समान दृढ़] (असि) है। (यः) जो (अघायुः) बुरा चीतनेवाला मनुष्य (दक्षिणायाः) दक्षिण वा दाहिनी (दिशः) दिशा से…म० १ ॥२॥
Footnote: २−(दक्षिणायाः) दक्षिणस्याः। दक्षिणहस्तस्थितायाः ॥
