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PANDIT KSHEMKARANDAS TRIVEDI
गन्धर्व और अप्सराओं के गुणों का उपदेश।
Word-Meaning: - (अवकादान्) हिंसाओं के नाश करनेवाले, (अभिशोचान्) सब ओर प्रकाशमान (मामकान्) मेरे पुरुषों को (अप्सु) व्याप्यमान प्रजाओं के बीच (ज्योतय) ज्योतिवाला कर। (ओषधे) हे औषधसमान तापनाशक परमेश्वर (सर्वान्) सब (पिशाचान्) मांसभक्षक रोग वा जीवों को (प्र मृणीहि) मार डाल (च) और (सहस्व) हरा दे ॥१०॥
Connotation: - परमेश्वर की प्रार्थनापूर्वक धर्मात्मा पुरुष दुष्ट स्वभावों, रोग और दुष्ट जीवों का नाश करें ॥१०॥
Footnote: १०−(अवकादान्) म० ८। हिंसानां भक्षकान् नाशकान् (अभिशोचान्) अभितः शोचमानान् दीप्यमानान् (अप्सु) व्याप्यमानासु प्रजासु (ज्योतय) ज्योततेर्ज्वलतिकर्मा-निघ० १।१६। णिचि रूपम्। द्योतय प्रकाशय (मामकान्) मत्सम्बन्धिनः पुरुषान् (पिशाचान्) मांसभक्षकान् रोगादीन् (सर्वान्) (ओषधे) हे ओषधिवत् तापनाशक परमेश्वर (प्र) (मृणीहि) मृण। नाशय (सहस्व) अभिभव (च) समुच्चये ॥
