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PANDIT KSHEMKARANDAS TRIVEDI
राजा के लक्षणों का उपदेश।
Word-Meaning: - (अपामार्गः) सब दोषों का शोधनेवाला परमेश्वर (सर्वासाम्) सब (ओषधीनाम्) तापनाशक अन्न आदि पदार्थों का (एकः इत्) एक ही (वशी) वश में रखनेवाला है। (तेन) उस [के आश्रय] से [हे राजन् !] (ते) तेरे (आस्थितम्) उपस्थित [भय] को (मृज्मः) हम शोधते हैं, (अथ) इसलिये (त्वम्) तू (अगदः) नीरोग होकर (चर) विचर ॥८॥
Connotation: - प्रजागण कहते हैंपरमात्मा सब संसार का स्वामी है, उसी सहारे से हम आप पर यह राज्य भार रखते हैं, आप भी उसी के सहारे से निश्चिन्त होकर अपना कर्तव्य करें ॥८॥
Footnote: ८−(अपामार्गः) म० ६। सर्वदोषशोधकः परमेश्वरः (ओषधीनाम्) तापनाशयित्रीणाम् अन्नादिपदार्थानाम् (सर्वासाम्) अशेषाणाम् (एकः) अद्वितीयः (इत्) एव (वशी) वशयिता (तेन) अपामार्गेण परमेश्वरेण (ते) तव (मृज्मः) मार्जयामः शोधयामः (आस्थितम्) आपतितं राज्यभाररूपं भयम् (अथ) अनन्तरम् (त्वम्) राजन् (अगदः) गद व्यक्तायां वाचि रोगे च-अच्। रोगशून्यः स्वस्थः (चर) चिरकालं वर्तस्व ॥
