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PANDIT KSHEMKARANDAS TRIVEDI
विघ्न की शान्ति के लिए उपदेश।
Word-Meaning: - (कर्शफस्य) निर्बल का और (विशफस्य) प्रबल का (द्यौः) प्रकाशमान परमेश्वर (पिता) पिता और (पृथिवी) विस्तीर्ण परमेश्वर (माता) निर्मात्री, माता है। (देवाः) हे विजयी पुरुषों ! (यथा) जैसे [शत्रुओं को] (अभिचक्र) तुमने हराया था, (तथा) वैसे ही (पुनः) फिर [उन्हें] (अपकृणुत) हटा दो ॥१॥
Connotation: - जगत् के माता-पिता परमेश्वर ने वृष्टि द्वारा सूर्य और पृथिवी के संयोग से सब निर्बल और प्रबल जीवों को उत्पन्न किया है, इसलिये सब सबल और निर्बल मिलकर अविद्या, निर्धनता आदि शत्रुओं को मिटाकर आनन्द से रहें ॥१॥
Footnote: १−(कर्शफस्य)। कॄशॄशलिकलिगर्दिभ्योऽभच्। उ० ३।१२२। इति कृश तनूकरणे, अल्पीभावे-अभच्, भस्य फः। कृशस्य। निर्बलस्य। विशफस्य। ऋषिवृषिभ्यां कित्। उ० ३।१२३। इति विश अन्तर्गमने-अभच् स च कित्, भस्य फः। विशः=मनुष्याः निघ० २।३। विशालस्य। प्रबलस्य। (द्यौः)। गमेर्डोः। उ० २।६२। इति द्युत दीप्तौ-डो। द्योतमानः। परमेश्वरः। (पिता)। पालकः। जनकः। (पृथिवी)। विस्तीर्णा। भूमिः। परमेश्वरः। (माता)। अ० १।२।१। मानङ्। पूजायाम्-माङ् माने वा तृच्। निपातितश्च। मातरः=निर्मात्र्यः-निरु० १२।७। मान्या। निर्मात्री। जननी। (यथा)। येन प्रकारेण। (अभिचक्र)। करोतेर्लिटि मध्यमबहुवचने रूपम्। यूयम् अभिभूतवन्तः। जितवन्तः। (देवाः)। दिवु विजिगीषायाम्-अच्। हे विजिगीषवः। विजयिनः। (तथा)। तेन प्रकारेण। (अप कृणुत)। कृवि हिंसाकरणयोः। अपकुरुत। निवारयत शत्रून्। (पुनः)। अवधारणे। द्वितीयवारे ॥
