बुद्धि बढ़ाने के लिये प्रभात गीत।
Word-Meaning: - “(भगः) सेवनीय (देवः) विद्वान् विजयी पुरुष (एव) ही (भगवान्) भगवान् [भाग्यवान्, बड़े ऐश्वर्यवाला] (अस्तु) होवे (तेन) इसी [कारण] से (वयम्) हम (भगवन्तः) भाग्यवान् (स्याम) होवें। (तम् त्वा) उस तुझको, (भग) हे ईश्वर ! (सर्वः=सर्वः अहम्) मैं सब (इत्) ही (जोहवीमि) बार बार पुकारता हूँ। (सः=सः त्वम्) सो तू, (भग) हे शिव ! (इह) यहाँ पर (नः) हमारा (पुरएता) अगुआ (भव) हो ॥५॥
Connotation: - “सुकर्मी पुरुषार्थी पुरुष ही भाग्यवान् होवें यह ईश्वर आज्ञा है, इससे सब लोग धार्मिक पुरुषार्थी होकर भाग्यवान् बनें। ईश्वर ही अपने ध्यानी आज्ञापालकों का मार्गदर्शक होता है ॥५॥ देवः, जोहवीमि के स्थान पर ऋग् और यजुर्वेद में देवा, जोहवीति पद हैं ॥