पुष्टि बढ़ाने के लिये प्रकृति का वर्णन।
Word-Meaning: - (वानस्पत्याः) वनस्पति अर्थात् सेवकों वा सेवनीय गुणों के रक्षक परमेश्वर से सम्बन्धवाले (ग्रावाणः) सूक्ष्मदर्शी, स्तोता पुरुषों ने, (परिवत्सरीणम्) परिवत्सर, सब प्रकार निवास देनेवाले परमेश्वर से सिद्ध किये हुए (हविः) ग्राह्य वस्तु को (कृण्वन्तः) उत्पन्न करते हुए, (घोषम्) ध्वनि (अक्रत) की है।(एकाष्टके) हे अकेली व्याप्तिवाली वा अकेली भोजन स्थानशक्ति [प्रकृति] ! (वयम्) हम लोग (सुप्रजसः) उत्तम सन्तानवाले, (सुवीराः) उत्तम वीरोंवाले और (रयीणाम्) सब प्रकार के धनों के (पतयः) पति (स्याम्) होवें ॥५॥
Connotation: - ऋषि-मुनि प्रकृति द्वारा परमेश्वररचित पदार्थों के गुणों के ज्ञान और प्रयोग से सब प्रकार का सुख भोगते हैं। इसी प्रकार सब मनुष्य उद्योग करके आनन्द भोगें ॥५॥