Reads 57 times
PANDIT KSHEMKARANDAS TRIVEDI
गर्भरक्षा का उपदेश।
Word-Meaning: - [हे गर्भिणी !] (यः) जो कोई (दुर्णामा) दुर्नामा [दुष्ट नामवाला बवासीर आदि रोग का कीड़ा] (अमीवा) पीड़ा होकर (ते) तेरे (गर्भम्) गर्भाशय [कोख] और (योनिम्) योनि [गुप्त उत्पत्तिमार्ग] को (आशये) घेर लेता है, (ब्रह्मणा सह) विद्वान् वैद्य के साथ (अग्निः) अग्नि [अग्निसमान रोग भस्म करनेवाला औषध] (तम्) उस (क्रव्यादम्) मांस खानेवाले [रोग] का (निः) सर्वथा (अनीनशत्) नाश करे ॥१२॥
Connotation: - मन्त्र ११ के समान है ॥१२॥
Footnote: १२−(यः ते गर्भम्....) इत्यादयो गताः सुगमाश्च (निः) निःशेषेण (क्रव्यादम्) मांसभक्षकं रोगम् (अनीनशत्) नाशयतु ॥
