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PANDIT KSHEMKARANDAS TRIVEDI
मनुष्य परमेश्वर की भक्ति से आयु बढ़ावे।
Word-Meaning: - (अयम्) यह (विश्वभेषजः) सर्वौषध (जङ्गिडः) पापों वा रोगों का भक्षक [परमेश्वर वा औषध] (विष्कन्धम्) विघ्न को (सहते) दबाता है, (अयम्) यही (अत्रिणः) खाउओं वा रोगों को (बाधते) रोकता है। (अयम्) यही (नः) हमको (अंहसः) पाप से (पातु) बचावे ॥३॥
Connotation: - उत्साही विचारवान् पुरुष परमेश्वर में विश्वास और पथ्य पदार्थों का सेवन करके अपनी दूरदर्शिता से मानसिक और शारीरिक बाधाओं को हटाकर अटल सुख भोगते हैं ॥३॥
Footnote: ३–विष्कन्धम्। म० १। विघ्नम्। सहते। षह अभिभवे। अभिभवति। बाधते। बाधृ विलोडने। निवारयति नाशयति। अत्त्रिणः। अ० १।७।३। अद भक्षणे–त्रिनि। अत्रीन्, भक्षकान् पुरुषान् रोगान् वा। विश्वभेषजः। सर्वेषां रोगादीनां जेता निवर्तकः। सर्वौषधः। अंहसः। अमेर्हुक् च। उ० ४।११३। इति अम रोगे, गतौ च–असुन् हुक् च। रोगात्। पापात् ॥ ०२।०४।०४
