Word-Meaning: - (अग्ने) अग्निवत् तेजस्वी राजन् (सम्भलः) यथाविधि सम्भाषण वा निरूपण करनेवाला वर (इमाम्) इस (सुमतिम्) सुन्दर बुद्धिवाली (कुमारीम्) कुमारी को (नः) हमारेलिये (भगेन सह+वर्त्तमानः सन्) ऐश्वर्य के साथ वर्त्तमान होकर (नः) हममें (आ=आगत्य) आकर (गमेत्) ले जावे। [इयम् कुमारी] [यह कन्या] (वरेषु) वर पक्षवालों में (जुष्टा) प्रिय और (समनेषु) साधु विचारवालों में (वल्गुः) मनोहर है। (अस्यै) इस [कन्या] के लिये (ओषम्) शीघ्र (पत्या) पति के साथ (सौभगम्) सुहागपन (अस्तु) होवे ॥१॥
Connotation: - यहाँ (अग्नि) शब्द राजा के लिये है। माता-पिता आदि राजव्यवस्था के अनुसार योग्य आयु में गुणवती कन्या का विवाह गुणवान् वर से करें, जिससे वह कन्या पतिकुल में सबको प्रसन्न रक्खे और आप आनन्द से रहे। इसी आशय को राजप्रकरण में मनु महाराज ने अ० ७।१५२। में वर्णन किया है[कन्यानां संप्रदानं च कुमाराणां च रक्षणम्।] कन्याओं के नियमपूर्वक दान [विवाह] का और कुमारों की रक्षा का [राजा चिन्तन करे]। (ओषम्) के स्थान पर सायणभाष्य में [ऊषम्] है ॥१॥