शारीरिक और मानसिक रोग की निवृत्ति के लिये उपदेश।
Word-Meaning: - (आपः) जल और (ओषधयः) उष्णता धारण करनेवाली वा ताप नाश करनेवाली अन्नादि ओषधें (नः) हमारे लिये (शम्) शान्तिकारक और (शिवाः) मङ्गलदायक (भवन्तु) होवें। (इन्द्रस्य) परमैश्वर्यवाले पुरुष का (वज्रः) (रक्षसः) राक्षस का (अपहन्तु) हनन कर डाले, (रक्षसाम्) राक्षसों के (विसृष्टाः) छोड़े हुए (इषवः) वाण (आरात्) दूर (पतन्तु) गिरें ॥६॥
Connotation: - परमेश्वर के अनुग्रह से हम पुरुषार्थ करते रहें, जिससे जल, अन्न आदि सब पदार्थ शुद्ध रहकर प्रजा में आरोग्यता बढ़ावें और जैसे राजा चोर, डाकू आदि दुष्टों को दण्ड देता है कि प्रजागण कष्ट न पावें और सदा आनन्द भोगें, ऐसे ही हम अपने दोषों का नाश करके आनन्द भोगें ॥६॥