Reads 55 times
PANDIT KSHEMKARANDAS TRIVEDI
कुप्रयोग के त्याग के लिये उपदेश।
Word-Meaning: - (अग्ने) हे अग्नि (यत्) जो (ते) तेरी (शोचिः) शोधनशक्ति है, (तेन) उससे (तम्) उस [दोष] को (प्रति शोच) शुद्ध कर दे, (यः) जो (अस्मान्) हमसे..... मन्त्र १ ॥४॥
Connotation: - मन्त्र १ के समान ॥४॥
Footnote: ४–शोचिः। अर्चिशुचि०। उ० २।१०८। इति ईशुचिर् शौचविशरणयोः–इसि। ज्वलतो नाम–निघ० १।१७। शुच्यत्यनेनेति। शोधनसामर्थ्यम्। शोच। शोचय, शोधय ॥
