Reads 59 times
PANDIT KSHEMKARANDAS TRIVEDI
शत्रुओं से रक्षा करनी चाहिये–इसका उपदेश।
Word-Meaning: - हे ईश्वर ! तू (पिशाचक्षयणम्) माँस खानेवालों की नाशशक्ति (असि) है, (मे) मुझे (पिशाचचातनम्) माँस खानेवालों के मिटाने का बल (दाः) दे। (स्वाहा) यह सुन्दर आशीर्वाद हो ॥४॥
Connotation: - परमेश्वर की न्यायशक्ति का विचार करके मनुष्य कुविचार, कुशीलता और रोगादि दोषों को जो शरीर और आत्मा के हानिकारक हैं, मिटावें तथा हिंसक सिंह सर्प्पादि जीवों का भी नाश करें ॥४॥
Footnote: ४–पिशाचक्षयणम्। कर्मण्यण्। पा० ३।२।१। इति पिशित+अश भक्षणे–अण्। पृषोदरादीनि यथोपदिष्टम्। पा० ६।३।१०९। इति शितभागस्य लोपः अशभागस्य शाचादेशः। पिशितं मांसम् अश्नन्तीति पिशाचाः कुविचाराः, अथवा, शारीरिकरोगा हिंसकाः प्राणिनो वा, तेषां नाशनम् ॥
