Go To Mantra
Viewed 83 times

चक्षु॑रसि॒ चक्षु॑र्मे दाः॒ स्वाहा॑ ॥

Mantra Audio
Pad Path

चक्षु: । असि । चक्षु: । मे । दा: । स्वाहा ॥१७.६॥

Atharvaveda » Kand:2» Sukta:17» Paryayah:0» Mantra:6


PANDIT KSHEMKARANDAS TRIVEDI

आयु बढ़ाने के लिये उपदेश।

Word-Meaning: - [हे ईश्वर !] तू (चक्षुः) दृष्टि [दर्शनशक्ति] (असि) है, (मे) मुझे (चक्षुः) दर्शनशक्ति (दाः) दे, (स्वाहा) यह सुन्दर आशीर्वाद हो ॥६॥
Connotation: - ऋग्वेद पुरुषसूक्त १०।९०।१। में भी परमेश्वर का नाम (सहस्राक्षः) अनन्त दर्शनशक्तिवाला है, इस प्रकार परमात्मा को सर्वद्रष्टा समझकर मनुष्य अपनी दर्शनशक्ति चंगी रक्खे और यथार्थज्ञान प्राप्त करके बहुदर्शी, दूरदर्शी और न्यायकारी होवे ॥६॥
Footnote: ६–चक्षुः। अ० १।३३।४। चक्षिङ् दर्शने–उसि। दृष्ट्या। दर्शनशक्त्या ॥