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PANDIT KSHEMKARANDAS TRIVEDI
जीवन के स्वास्थ्य का उपदेश।
Word-Meaning: - (शतम्) सौ (शरदः) वर्षों तक (पूषेम) हम पुष्ट होते रहें ॥५॥
Connotation: - हम सब लोग प्रयत्न करें कि परमेश्वर की प्रार्थना सदा करते हुए युक्त आहार-विहार से ऐसे स्वस्थ और नीरोग रहें कि सब इन्द्रियाँ नेत्र, मुख, नासिका, मन आदि सौ वर्ष से भी अधिक पूरे दृढ़ और सचेत रहें, जिससे हम अपना कर्तव्य जीवनभर सावधानी के साथ किया करें ॥१-८॥ मन्त्र १ तथा २ ऋग्वेद में हैं-७।६६।१६ और सब सूक्त कुछ भेद से यजुर्वेद में है-३६।२४
Footnote: ५−(पूषेम) पूष पुष्टौ। पुष्टिं लभेमहि ॥
