Go To Mantra

म॑हत्का॒ण्डाय॒ स्वाहा॑ ॥

Mantra Audio
Pad Path

महत्ऽकाण्डाय। स्वाहा ॥२३.१८॥

Atharvaveda » Kand:19» Sukta:23» Paryayah:0» Mantra:18


Reads 47 times

PANDIT KSHEMKARANDAS TRIVEDI

ब्रह्मविद्या का उपदेश।

Word-Meaning: - (महत्काण्डाय) बड़े [धर्मात्माओं] के संरक्षक [वेद] के लिये (स्वाहा) स्वाहा [सुन्दर वाणी] हो ॥१८॥
Connotation: - मनुष्यों को परमेश्वरोक्त ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद द्वारा श्रेष्ठ विद्याएँ प्राप्त करके इस जन्म और पर जन्म का सुख भोगना चाहिये ॥१८॥
Footnote: १८−(महत्काण्डाय) कादिभ्यः कित्। उ०१।११५। कमु कन वा कान्तौ-ड प्रत्ययो दीर्घश्च, यद्वा कडि भेदने संरक्षणे च-घञ्। महतां विदुषां संरक्षकाय वेदाय ॥