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वि॒श्वक॑र्मा मा सप्तऋ॒षिभि॒रुदी॑च्या दि॒शः पा॑तु॒ तस्मि॑न्क्रमे॒ तस्मि॑ञ्छ्रये॒ तां पुरं॒ प्रैमि॑। स मा॑ रक्षतु॒ स मा॑ गोपायतु॒ तस्मा॑ आ॒त्मानं॒ परि॑ ददे॒ स्वाहा॑ ॥

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Pad Path

विश्वऽकर्मा। मा। सप्तऋषिऽभिः। उदीच्याः। दिशः। पातु। तस्मिन्। क्रमे। तस्मिन्। श्रये। ताम्। पुरम्। प्र। एमि। सः। मा। रक्षतु। सः। मा। गोपायतु। तस्मै। आत्मानम्। परि। ददे। स्वाहा ॥१७.७॥

Atharvaveda » Kand:19» Sukta:17» Paryayah:0» Mantra:7


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PANDIT KSHEMKARANDAS TRIVEDI

रक्षा करने का उपदेश।

Word-Meaning: - (विश्वकर्मा) विश्वकर्मा [सब कर्म करनेवाला परमेश्वर] (सप्तऋषिभिः) सात ऋषियों सहित [कान, आँख, नाक, जिह्वा, त्वचा, पाँच ज्ञानेन्द्रिय, मन और बुद्धि सहित] (मा) मुझे (उदीच्याः) उत्तर वा बायीं (दिशः) दिशा से (पातु) बचावे, (तस्मिन्) उसमें.... [म०१] ॥७॥
Connotation: - मन्त्र १ के समान है ॥७॥
Footnote: ७−(विश्वकर्मा) सर्वकर्मकर्ता परमेश्वरः (सप्तऋषिभिः) ऋत्यकः। पा०६।१।१२८। इति प्रकृतिभावः। मनोबुद्धिसहितैः श्रोत्रनेत्रनासिकाजिह्वात्वग्रूपैः पञ्चज्ञानेन्द्रियैः (उदीच्याः) उत्तरस्याः। वामभागस्थायाः। अन्यत् पूर्ववत्-म०२॥