Go To Mantra
Viewed 84 times

वि॒श्वक॑र्मा मा सप्तऋ॒षिभि॒रुदी॑च्या दि॒शः पा॑तु॒ तस्मि॑न्क्रमे॒ तस्मि॑ञ्छ्रये॒ तां पुरं॒ प्रैमि॑। स मा॑ रक्षतु॒ स मा॑ गोपायतु॒ तस्मा॑ आ॒त्मानं॒ परि॑ ददे॒ स्वाहा॑ ॥

Mantra Audio
Pad Path

विश्वऽकर्मा। मा। सप्तऋषिऽभिः। उदीच्याः। दिशः। पातु। तस्मिन्। क्रमे। तस्मिन्। श्रये। ताम्। पुरम्। प्र। एमि। सः। मा। रक्षतु। सः। मा। गोपायतु। तस्मै। आत्मानम्। परि। ददे। स्वाहा ॥१७.७॥

Atharvaveda » Kand:19» Sukta:17» Paryayah:0» Mantra:7


PANDIT KSHEMKARANDAS TRIVEDI

रक्षा करने का उपदेश।

Word-Meaning: - (विश्वकर्मा) विश्वकर्मा [सब कर्म करनेवाला परमेश्वर] (सप्तऋषिभिः) सात ऋषियों सहित [कान, आँख, नाक, जिह्वा, त्वचा, पाँच ज्ञानेन्द्रिय, मन और बुद्धि सहित] (मा) मुझे (उदीच्याः) उत्तर वा बायीं (दिशः) दिशा से (पातु) बचावे, (तस्मिन्) उसमें.... [म०१] ॥७॥
Connotation: - मन्त्र १ के समान है ॥७॥
Footnote: ७−(विश्वकर्मा) सर्वकर्मकर्ता परमेश्वरः (सप्तऋषिभिः) ऋत्यकः। पा०६।१।१२८। इति प्रकृतिभावः। मनोबुद्धिसहितैः श्रोत्रनेत्रनासिकाजिह्वात्वग्रूपैः पञ्चज्ञानेन्द्रियैः (उदीच्याः) उत्तरस्याः। वामभागस्थायाः। अन्यत् पूर्ववत्-म०२॥