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PANDIT KSHEMKARANDAS TRIVEDI
यजमान के कर्तव्य का उपदेश।
Word-Meaning: - (अपूपवान्) अपूपों [शुद्ध पके हुए भोजनों मालपूए पूड़ी आदि]वाला, (दधिवान्) पुष्टिकारकपदार्थोंवाला (चरुः) चरु... [मन्त्र १६] ॥१७॥
Connotation: - मन्त्र १६ के समान है॥१७॥
Footnote: १७−(दधिवान्) आदॄगमहनजनः किकिनौ लिट् च। पा० ३।२।१७१। डुधाञ्धारणपोषणयोः-किन् प्रत्ययः। पोषकपदार्थयुक्तः। अन्यत् पूर्ववत्-म० १६ ॥
