Reads 61 times
PANDIT KSHEMKARANDAS TRIVEDI
शत्रु के नाश करने का उपदेश।
Word-Meaning: - (सः) वह [कुमार्गी] (मा जीवीत्) न जीता रहे, (तम्) उसको (प्राणः) प्राण (जहातु) छोड़ देवे ॥१३॥
Connotation: - प्रतापी राजादुराचारियों को सर्वथा नाश करके प्रजापालन करे ॥१३॥
Footnote: १३−(सः) दुष्टः (मा जीवीत्)नैव प्राणान् धारयेत् (तम्) दुष्टम् (प्राणः) जीवनम् (जहातु) त्यजतु ॥
