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PANDIT KSHEMKARANDAS TRIVEDI
परमात्माके अन्तर्यामी होने का उपदेश।
Word-Meaning: - (तस्मै) उस [विद्वान्]के लिये (सर्वेभ्यः) सब (अन्तर्देशेभ्यः) मध्यदेशों से (ईशानम्) सबके स्वामीपरमात्मा को (इष्वासम्) हिंसा हटानेवाला (अनुष्ठातारम्) साथ रहनेवाला (अकुर्वन्)उन [विद्वानों] ने बनाया ॥१४॥
Connotation: - मन्त्र १-३ के समान है॥१४, १५, १६॥
Footnote: १४, १५, १६−(अन्तर्देशेभ्यः) मध्यदेशेभ्यः (ईशानम्) सर्वस्वामिनम्। अन्यत् पूर्ववत्-म०१-३, स्पष्टं च ॥
