Devata: द्विपदार्ची उष्णिक्
Rishi: अध्यात्म अथवा व्रात्य
Chhanda: अथर्वा
Swara: अध्यात्म प्रकरण सूक्त
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PANDIT KSHEMKARANDAS TRIVEDI
परमात्मा के विराट् रूप का उपदेश।
Word-Meaning: - (वसन्तः) वसन्त ऋतु (चच) और (ग्रीष्मः) घाम ऋतु (तस्याः) उस [सिंहासन] के (द्वौ) दो (च) और (वर्षाः)बरसा ऋतु (च) और (शरत्) शरद् ऋतु (द्वौ) दो (पादौ) पाये (आस्ताम्) थे ॥४॥
Connotation: - घाम आदि ऋतुएँ अर्थात् समस्त काल परमात्मा के वशीभूत हैं ॥४॥
Footnote: ४−(तस्याः) आसन्द्याः (ग्रीष्मः)निदाघकालः (च) (वसन्तः) (द्वौ) (पादौ) चरणे (आस्ताम्) अभवताम् (शरत्) शरद्ऋतुः (च) (वर्षाः) वृष्टिकालः (च) (द्वौ) ॥
