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PANDIT KSHEMKARANDAS TRIVEDI
परमेश्वर की सर्वत्र व्यापकता का उपदेश।
Word-Meaning: - (सः) वह [व्रात्यपरमात्मा] (उत् अतिष्ठत्) खड़ा हुआ, (सः) वह (उदीचीम्) बायीं [अथवा उत्तर] (दिशम् अनु) दिशा की ओर (वि अचलत्) विचरा ॥२१॥
Connotation: - मनुष्य जगदीश्वर कोबायीं ओर वा उत्तर दिशा में वर्तमान जानकर आत्मोन्नति करे ॥२१॥
Footnote: २१−(उदीचीम्)वामभागवर्तमानाम्। उत्तरभागस्थाम्। अन्यत् पूर्ववत्-म० १ ॥
