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PANDIT KSHEMKARANDAS TRIVEDI
परमेश्वर की सर्वत्र व्यापकता का उपदेश।
Word-Meaning: - (सः) वह [व्रात्यपरमात्मा] (उत् अतिष्ठत्) खड़ा हुआ (सः) वह (प्रतीचीम्) पीछेवाली [वा पश्चिम](दिशम् अनु) दिशा की ओर (वि अचलत्) विचरा ॥१५॥
Connotation: - मनुष्य पीछेवाली वापश्चिम दिशा में परमात्मा की व्यापकता विचार कर पुरुषार्थ करे॥१५॥
Footnote: १५−(प्रतीचीम्) पश्चाद्भागस्थाम्। पश्चिमाम्। अन्यत् पूर्ववत्-म० १ ॥
