Devata: द्विपदासुरी गायत्री
Rishi: अध्यात्म अथवा व्रात्य
Chhanda: अथर्वा
Swara: अध्यात्म प्रकरण सूक्त
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PANDIT KSHEMKARANDAS TRIVEDI
अतिथिके उपकार का उपदेश।
Word-Meaning: - वह [अतिथि] (अन्नादेन)जीवनरक्षक (ब्रह्मणा) परब्रह्म जगदीश्वर के साथ (अन्नम्) जीवन की (अत्ति) रक्षाकरता है, (यः) जो (एवम्) व्यापक परमात्मा को (वेद) जानता है ॥२४॥
Connotation: - मन्त्र १, २ के समान॥२३, २४॥
Footnote: २३, २४−(सर्वान्)समस्तान् (अन्तर्देशान्) मध्यदेशान् (परमेष्ठी) सर्वोपरिपदस्थः (ब्रह्म)परमात्मानम् (ब्रह्मणा) परमात्मना सह। अन्यत् पूर्ववत्-म० १, २ ॥
