Go To Mantra

प्रा॒णेना॑न्ना॒देनान्न॑मत्ति॒ य ए॒वं वेद॑ ॥

Mantra Audio
Pad Path

प्राणेन । अन्नऽअदेन । अन्नम् । अत्ति । य: । एवम् । वेद॥१४.२२॥

Atharvaveda » Kand:15» Sukta:14» Paryayah:0» Mantra:22


Reads 51 times

PANDIT KSHEMKARANDAS TRIVEDI

अतिथिके उपकार का उपदेश।

Word-Meaning: - वह [अतिथि] (अन्नादेन)जीवनरक्षक (प्राणेन) प्राण से (अन्नम्) जीवन की (अत्ति) रक्षा करता है, (यः) जो (एवम्) व्यापक परमात्मा को (वेद) जानता है ॥२२॥
Connotation: - मन्त्र १, २ के समान॥२१, २२॥
Footnote: २१, २२−(प्रजाः)जीवान् (प्रजापतिः) जीवपालः (प्राणम्) आत्मबलम् (प्राणेन) आत्मबलेन। अन्यत्पूर्ववत्-म० १, २ ॥