Devata: भुरिक् प्राजापत्या अनुष्टुप्
Rishi: अध्यात्म अथवा व्रात्य
Chhanda: अथर्वा
Swara: अध्यात्म प्रकरण सूक्त
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PANDIT KSHEMKARANDAS TRIVEDI
अतिथिके उपकार का उपदेश।
Word-Meaning: - वह [अतिथि] (अन्नादेन)जीवनरक्षक (स्वाहाकारेण) वेदविद्याप्रचार से (अन्नम्) जीवन की (अत्ति) रक्षाकरता है, (यः) जो (एवम्) व्यापक परमात्मा को (वेद) जानता है ॥१६॥
Connotation: - मन्त्र १, २ के समान॥१५, १६॥
Footnote: १५, १६−(मनुष्यान्)मननशीलान् पुरुषान् (अग्निः) अग्निवत्तेजस्वी (स्वाहाकारम्) स्वाहा वाङ्नाम-निघ०१।११। वेदविद्याप्रचारम् (स्वाहाकारेण) वेदविद्याप्रचारेण। अन्यत् पूर्ववत्-म०१, २ ॥
