Devata: प्राजापत्या अनुष्टुप्
Rishi: अध्यात्म अथवा व्रात्य
Chhanda: अथर्वा
Swara: अध्यात्म प्रकरण सूक्त
Reads 46 times
PANDIT KSHEMKARANDAS TRIVEDI
अतिथि और अनतिथि के विषय का उपदेश।
Word-Meaning: - (दिवि) सूर्यलोक में (ये) जो (पुण्याः) पवित्र (लोकाः) लोक [दर्शनीय समाज] हैं, (तान्) उनको (एव)निश्चय करके (तेन) उस [अतिथिसत्कार] से वह [गृहस्थ] (अव रुन्द्धे) सुरक्षितकरता है ॥६॥
Connotation: - गृहस्थ महामान्य अतिथिसे तीसरी रात्रि ठहरा कर सूर्यमण्डल का ज्ञान अर्थात् उपकारी ज्योतिष विद्या कोप्राप्त करे ॥५, ६॥
Footnote: ५, ६−(दिवि)सूर्यमण्डले। अन्यत् पूर्ववत् स्पष्टं च ॥
