Devata: भुरिक् प्राजापत्या अनुष्टुप्
Rishi: अध्यात्म अथवा व्रात्य
Chhanda: अथर्वा
Swara: अध्यात्म प्रकरण सूक्त
Reads 59 times
PANDIT KSHEMKARANDAS TRIVEDI
यज्ञ करने में विद्वान् की सम्मति का उपदेश।
Word-Meaning: - (सः) वह [अतिथि] (च)यदि (अतिसृजेत्) आज्ञा देवे, (जुहुयात्) वह [गृहस्थ] हवन करे, (च) यदि वह (नअतिसृजेत्) न आज्ञा देवे, (न जुहुयात्) वह [गृहस्थ] न हवन करे ॥३॥
Connotation: - विचारवान् अतिथि कीआज्ञानुसार अधिकारी गृहस्थ यज्ञ करे और अनधिकारी न करे ॥३॥
Footnote: ३−(सः) अतिथिः (च) यदि (अतिसृजेत्) आज्ञापयेत् (जुहुयात्) गृहस्थो होमं कुर्यात् (न) निषेधे। अन्यत्स्पष्टम् ॥
