Devata: द्विपदासुरी गायत्री
Rishi: अध्यात्म अथवा व्रात्य
Chhanda: अथर्वा
Swara: अध्यात्म प्रकरण सूक्त
PANDIT KSHEMKARANDAS TRIVEDI
अतिथिसत्कार की महिमा का उपदेश।
Word-Meaning: - (एनम्) उस [पुरुषार्थी] को (इन्द्रियम्) ऐश्वर्य (आ) आकर (गच्छति) मिलता है, वह (इन्द्रियवान्) ऐश्वर्यवान् (भवति) होता है ॥१०॥
Connotation: - मनुष्य प्रजापालन मेंदक्ष और सुनीतिप्रचार में चतुर होकर ऐश्वर्य बढ़ावें ॥१०, ११॥
Footnote: १०−(आ) आगत्य (एनम्)पुरुषार्थिनम् (इन्द्रियम्) इन्द्रचिह्नम्। ऐश्वर्यम् (गच्छति) प्राप्नोति (इन्द्रियवान्) ऐश्वर्यवान् (भवति) ॥
