Devata: एकपदा विराट् गायत्री
Rishi: अध्यात्म अथवा व्रात्य
Chhanda: अथर्वा
Swara: अध्यात्म प्रकरण सूक्त
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PANDIT KSHEMKARANDAS TRIVEDI
परमात्माऔर जीवात्मा का उपदेश अथवा सृष्टिविद्या का उपदेश।
Word-Meaning: - (सः) वह [परमात्मा] (अवर्धत) बढ़ा [उसने अपना सामर्थ्य प्रकट किया], (सः) वह (महान्) महान् [बड़ा, पूजनीय] (अभवत्) हुआ, (सः) वह (महादेवः) महादेव [बड़ा तेजस्वी वा व्यवहारकुशल] (अभवत्) हुआ ॥४॥
Connotation: - जब संसार में परमात्माके बड़े-बड़े गुण प्रकट हुए, तब वही सबकार्यों में महाचतुर ऋषियों को जान पड़ा॥४॥
Footnote: ४−(सः) परमात्मा (अवर्धत) प्रवृद्धोऽभवत् (सः) (महान्) पूजनीयः (अभवत्) (सः) (महादेवः) दिवु द्युतौ व्यवहारे च-अच्। महातेजस्वी। महाव्यवहारकुशलः (अभवत्) ॥
