Reads 36 times
PANDIT KSHEMKARANDAS TRIVEDI
परमात्मा और जीवात्मा के विषय का उपदेश।
Word-Meaning: - (तस्य) उस [परमात्मा] के (वशे) वश में (अमू) वे (सर्वा) सब (नक्षत्रा) नक्षत्र [चलनेवाले तारा गण] (चन्द्रमसा सह) चन्द्रमा के साथ [वर्तमान हैं] ॥२८॥
Connotation: - उस परमात्मा के आकर्षण धारण नियम में यह सब तारागण आदि ठहरे रहकर घूमते हैं ॥२८॥
Footnote: २८−(तस्य) परमेश्वरस्य (अमू) अमूनि (सर्वा) सर्वाणि (नक्षत्रा) गतिशीला तारागणाः (वशे) शासने (चन्द्रमसा) चन्द्रेण (सह) साकम् ॥
