Reads 51 times
PANDIT KSHEMKARANDAS TRIVEDI
वेदवाणी रोकने के दोषों का उपदेश।
Word-Meaning: - वह [वेदवाणी] (पच्यमाना) पचायी जाती हुई [वेदनिरोधक को] (अघम्) महा दुःख, और (पक्वा) पचायी गयी (दुःष्वप्न्यम्) दुष्ट स्वप्न होती है ॥३२॥
Connotation: - वेदविद्या का नाश करनेवाला अधर्मी होकर दिन-राति व्याकुल रहता है ॥३२॥
Footnote: ३२−(अघम्) महादुःखम् (पच्यमाना) पाकं नाशं गम्यमाना (दुःष्वप्न्यम्) दुष्टः स्वप्नः (पक्वा) पाकं नाशं गता ॥
