Go To Mantra

सर्वा॑ण्यस्यां क्रू॒राणि॒ सर्वे॑ पुरुषव॒धाः ॥

Mantra Audio
Pad Path

सर्वाणि । अस्याम् । क्रूराणि। सर्वे । पुरुषऽवधा: ॥७.३॥

Atharvaveda » Kand:12» Sukta:5» Paryayah:0» Mantra:14


Reads 47 times

PANDIT KSHEMKARANDAS TRIVEDI

वेदवाणी रोकने के दोषों का उपदेश।

Word-Meaning: - (अस्याम्) इस [वेदवाणी] में [रोकनेवाले को] (सर्वाणि) सब (क्रूराणि) क्रूर [निठुर] कर्म और (सर्वे) सब प्रकार के (पुरुषवधाः) मनुष्यवध होते हैं ॥१४॥
Connotation: - धर्मनिरूपक वेदवाणी में रोक डालने से संसार में घोर पाप छा जाता है, और सब प्राणी महाकष्ट पाते हैं ॥१३, १४॥
Footnote: १४−(सर्वाणि) (अस्याम्) (क्रूराणि) निर्दयकर्माणि (पुरुषवधाः) पुरुषाणां हत्याव्यापाराः ॥