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PANDIT KSHEMKARANDAS TRIVEDI
कष्ट हटाने के लिये उपदेश।
Word-Meaning: - (देवम्) विजयी, (सवितारम्) प्रेरक, (धातारम्) धारण करनेवाले (उत) और (पूषणम्) पोषण करनेवाले पुरुष को (ब्रूमः) हम पुकारते हैं। (अग्रियम्) अग्रगामी (त्वष्टारम्) सूक्ष्मदर्शी पुरुष को (ब्रूमः) हम पुकारते हैं, (ते) वे (नः) हमें (अंहसः) कष्ट से (मुञ्चन्तु) छुड़ावें ॥३॥
Connotation: - जहाँ पर शूरवीर विद्वान् पुरुष होते हैं, वे परस्पर रक्षा करते हैं ॥३॥
Footnote: ३−(देवम्) विजयिनम् (सवितारम्) प्रेरकम् (धातारम्) धारकम् (उत) अपि च (पूषणम्) पोषकम् (त्वष्टारम्) त्वक्षू तनूकरणे-तृन्। सूक्ष्मीकर्तारम्। प्रवीणं पुरुषम् (अग्रियम्) अ० ५।२।८। अग्रेभवम्। अन्यत् पूर्ववत् म० १ ॥
