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PANDIT KSHEMKARANDAS TRIVEDI
राजा के कर्तव्य दण्ड का उपदेश।
Word-Meaning: - (प्रतीचीनः) प्रत्यक्ष चलनेवाला, (आङ्गिरसः) वेदों का जाननेवाला (नः) हमारा (अध्यक्षः) अध्यक्ष और (पुरोहितः) पुरोहित [अग्रगामी] तू (कृत्याः) हिंसाओं को (प्रतीचीः) प्रतिकूलगति (आकृत्य) सर्वथा करके (अमून्) उन (कृत्याकृतः) हिंसाकारियों को (जहि) मार डाल ॥६॥
Connotation: - वेदज्ञाता नीतिनिपुण पुरुष दुराचारियों को यथावत् अनुसन्धान करके दण्ड देवे ॥६॥
Footnote: ६−(प्रतीचीनः) अ० ४।३२।६। प्रत्यक्षं गच्छन् (आङ्गिरसः) अ० २।१२।४। तदधीते तद्वेद। पा० ४।२।५९। इत्यण्। अङ्गिरसां वेदानां ज्ञाता (अध्यक्षः) अधिपतिः (नः) अस्माकम् (पुरोहितः) अ० ३।१९।१। अग्रेसरः (प्रतीचीः) प्रतिकूलगतीः (कृत्याः) म० ४। हिंसाः (आकृत्य) निष्पाद्य (अमून्) (कृत्याकृतः) म० २। हिंसाकर्तॄन् (जहि) मारय ॥
