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पुर॑: स॒द्य इ॒त्थाधि॑ये॒ दिवो॑दासाय॒ शम्ब॑रम् । अध॒ त्यं तु॒र्वशं॒ यदु॑म् ॥

अंग्रेज़ी लिप्यंतरण

puraḥ sadya itthādhiye divodāsāya śambaram | adha tyaṁ turvaśaṁ yadum ||

मन्त्र उच्चारण
पद पाठ

पुरः॑ । स॒द्यः । इ॒थाऽधि॑ये । दिवः॑ऽदासाय । शम्ब॑रम् । अध॑ । त्यम् । तु॒र्वश॑म् । यदु॑म् ॥ ९.६१.२

ऋग्वेद » मण्डल:9» सूक्त:61» मन्त्र:2 | अष्टक:7» अध्याय:1» वर्ग:18» मन्त्र:2 | मण्डल:9» अनुवाक:3» मन्त्र:2


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आर्यमुनि

पदार्थान्वयभाषाः - हे कर्मयोगिन् ! जो (इत्थाधिये दिवोदासाय) सत्य बुद्धिवाले और द्युलोक सम्बन्धी कर्मों में कुशल आपके (शम्बरम्) शत्रु हैं (त्यम् तुर्वशम् यदुम्) इस हिंसक मनुष्य को (अध) और उसके (पुरः) पुर को ध्वंसन करो ॥२॥
भावार्थभाषाः - कर्म्मयोगी लोग शत्रुओं के पुरों को सर्वप्रकार से भेदन कर सकते हैं, अन्य नहीं ॥२॥
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हरिशरण सिद्धान्तालंकार

शम्बर-संहार

पदार्थान्वयभाषाः - [१] गत मन्त्र में निन्यानवे पुरियों के विध्वंस का संकेत था । सोमरक्षण से शक्तिशाली बना हुआ इन्द्र इन पुरियों का विध्वंस करता है। मानो सोम ही इनका विध्वंस करता हो। हे सोम ! तू (सद्यः) = शीघ्र ही इन (पुरः) = शत्रु-पुरियों को विध्वस्त करता है । (इत्थाधिये) = [धी=कर्म] सत्य कर्मों को करनेवाले (दिवोदासाय) = ज्ञान- भक्त पुरुष के लिये, हे सोम ! तू (शम्बरम्) = शान्ति पर परदा डाल देनेवाले ईर्ष्या रूप आसुरभाव को भी तू विनष्ट करता है। [२] (अध) = अब ईर्ष्या को विनष्ट करके, हे सोम ! तू इस दिवोदास को (तुर्वशम्) = शीघ्रता से शत्रुओं को वश में करनेवाला बनाता है तथा (यदुम्) = इसे यत्नशील बनाता है। वस्तुतः सुन्दर जीवन यही है कि हम काम- -क्रोध आदि शत्रुओं को पराजित करनेवाले हों और इसी उद्देश्य से कभी अकर्मण्य न हों।
भावार्थभाषाः - भावार्थ- सत्यकर्मा ज्ञानभक्त बनकर हम ईर्ष्या से ऊपर उठें। कामादि शत्रुओं का पराजय करनेवाले बनें। सदा पुरुषार्थी हों।
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आर्यमुनि

पदार्थान्वयभाषाः - हे कर्मयोगिन् ! यः (इत्थाधिये दिवोदासाय) सत्यधीमतस्तथा द्युलोकसम्बन्धिकर्मणि कुशलस्य भवतः (शम्बरम्) शत्रुरस्ति (त्यं तुर्वशं यदुम्) तं घातकमनुष्यम् (अध) अथ च तस्य (पुरः) पुरं ध्वंसयतु ॥२॥
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डॉ. तुलसी राम

पदार्थान्वयभाषाः - Go on thus always advancing for the people dedicated to positive good work in thought, policy and action, accelerating, controlling and balancing the forces of peace, progress and restless ambition.