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स न॒: सोमे॑षु सोमपाः सु॒तेषु॑ शवसस्पते । मा॒दय॑स्व॒ राध॑सा सू॒नृता॑व॒तेन्द्र॑ रा॒या परी॑णसा ॥

अंग्रेज़ी लिप्यंतरण

sa naḥ someṣu somapāḥ suteṣu śavasas pate | mādayasva rādhasā sūnṛtāvatendra rāyā parīṇasā ||

मन्त्र उच्चारण
पद पाठ

सः । नः॒ । सोमे॑षु । सो॒म॒ऽपाः॒ । सु॒तेषु॑ । श॒व॒सः॒ । प॒ते॒ । मा॒दय॑स्व । राध॑सा । सू॒नृता॑ऽवता । इन्द्र॑ । रा॒या । परी॑णसा ॥ ८.९७.६

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ऋग्वेद » मण्डल:8» सूक्त:97» मन्त्र:6 | अष्टक:6» अध्याय:6» वर्ग:37» मन्त्र:1 | मण्डल:8» अनुवाक:10» मन्त्र:6


हरिशरण सिद्धान्तालंकार

शक्ति-धन

पदार्थान्वयभाषाः - [१] हे (शवसस्पते) = शक्तियों के स्वामिन् प्रभो ! (सः) = वे आप (सोमेषु सुतेषु) = सोमकणों के शरीर में उत्पन्न होने पर (नः) = हमारे लिये (सोमपाः) = सोम का रक्षण करनेवाले हैं। इस सोमरक्षण द्वारा आप हमें भी शक्तिशाली बनाते हैं। [३] हे (इन्द्र) = परमैश्वर्यशालिन् प्रभो ! आप (परीणसा) = बहुत [ पर्याप्त] (राया) = धन से (मादयस्व) = हमें आनन्दित कीजिये। जो धन (राधसा) = कार्यों को सिद्ध करनेवाला है और सूनृतावता सत्यवाला है। प्रिय सत्यवाणी से युक्त धन ही शोभा का बढ़ानेवाला है ।
भावार्थभाषाः - भावार्थ- प्रभु हमें शक्ति प्राप्त करायें तथा सत्य मार्ग से अर्जित धन से हमें जीवन में सुखी करें।

डॉ. तुलसी राम

पदार्थान्वयभाषाः - O lord of strength and power, protector of the soma sweetness of life, beauty, vitality and joy, when we have distilled the soma essence of life, knowledge and existence, bless us with lovely, veritable wealth, means and modes of advancement, and all round success and lead us to the joy of the truth, goodness and beauty of life.