वांछित मन्त्र चुनें

यो विश्वा॒ दय॑ते॒ वसु॒ होता॑ म॒न्द्रो जना॑नाम् । मधो॒र्न पात्रा॑ प्रथ॒मान्य॑स्मै॒ प्र स्तोमा॑ यन्त्य॒ग्नये॑ ॥

अंग्रेज़ी लिप्यंतरण

yo viśvā dayate vasu hotā mandro janānām | madhor na pātrā prathamāny asmai pra stomā yanty agnaye ||

मन्त्र उच्चारण
पद पाठ

यः । विश्वा॑ । दय॑ते । वसु॑ । होता॑ । म॒न्द्रः । जना॑नाम् । मधोः॑ । न । पात्रा॑ । प्र॒ऽथ॒मानि॑ । अ॒स्मै॒ । प्र । स्तोमाः॑ । य॒न्ति॒ । अ॒ग्नये॑ ॥ ८.१०३.६

ऋग्वेद » मण्डल:8» सूक्त:103» मन्त्र:6 | अष्टक:6» अध्याय:7» वर्ग:14» मन्त्र:1 | मण्डल:8» अनुवाक:10» मन्त्र:6


357 बार पढ़ा गया

हरिशरण सिद्धान्तालंकार

स्तोमरूप मधुपर्क द्वारा प्रभु का आतिथ्य

पदार्थान्वयभाषाः - [१] (यः) = जो (विश्वा वसु) = सब धनों का (दयते) = रक्षण करता है और होता हमारे लिये आवश्यक धनों को देता है। वे प्रभु (जनानां मन्द्रः) = लोगों के आनन्द का कारण हैं, सब उपासकों को आनन्द को प्राप्त करानेवाले हैं। [२] (अस्मै) = इस (अग्नये) = अग्रेणी प्रभु के लिये (मधोः प्रथमा पात्रा न) = मधु के मुख्य पात्रों की तरह जैसे एक अतिथि के लिये सर्वप्रथम मधुपर्क प्राप्त कराया जाता है, (स्तोमा:) = स्तुति समूह (प्रयन्तु) = प्रकर्षेण प्राप्त हों। इन स्तोमों के द्वारा ही हम प्रभु को मधुपर्क प्राप्त कराते हुए अतिथिवत् आदृत करें।
भावार्थभाषाः - भावार्थ- प्रभु सम्पूर्ण धनों के स्वामी व दाता हैं, वे ही सब आनन्दों की खान हैं। हम स्तुति समूह रूप मधुपर्क द्वारा प्रभु का आतिथ्य करें।
357 बार पढ़ा गया

डॉ. तुलसी राम

पदार्थान्वयभाषाः - Like bowls of honey let our prime songs of adoration reach this Agni who, blissful high priest of existence, gives all the wealths and joys of the world to humanity.