वांछित मन्त्र चुनें
356 बार पढ़ा गया

प्रेष्ठ॑मु प्रि॒याणां॑ स्तु॒ह्या॑सा॒वाति॑थिम् । अ॒ग्निं रथा॑नां॒ यम॑म् ॥

अंग्रेज़ी लिप्यंतरण

preṣṭham u priyāṇāṁ stuhy āsāvātithim | agniṁ rathānāṁ yamam ||

मन्त्र उच्चारण
पद पाठ

प्रेष्ठ॑म् । ऊँ॒ इति॑ । प्रि॒याणा॑म् । स्तु॒हि । आ॒सा॒व॒ । अति॑थिम् । अ॒ग्निम् । रथा॑नाम् । यम॑म् ॥ ८.१०३.१०

356 बार पढ़ा गया
ऋग्वेद » मण्डल:8» सूक्त:103» मन्त्र:10 | अष्टक:6» अध्याय:7» वर्ग:14» मन्त्र:5 | मण्डल:8» अनुवाक:10» मन्त्र:10


हरिशरण सिद्धान्तालंकार

प्रियाणां प्रेष्ठम्

पदार्थान्वयभाषाः - [१] हे (आसाव) = शरीर में समन्तात् सोम का सम्पादन करनेवाले स्तोतः ! तू उस (अतिथिम्) = निरन्तर गतिशील महान् अतिथि प्रभु को (स्तुहि) = स्तुत कर, जो प्रभु (उ) = निश्चय से (प्रियाणां प्रेष्ठम्) = प्रियों में प्रियतम हैं। [२] उस प्रभु को स्तुत कर जो (अग्निम्) = तुझे आगे और आगे ले चलनेवाले हैं। तथा (रथानां यमम्) = शरीर - रथों के नियन्ता हैं।
भावार्थभाषाः - भावार्थ-स्तोता के प्रभु प्रियतम अतिथि हैं, उसे आगे ले चलनेवाले हैं और उसके रथ के नियन्ता हैं।

डॉ. तुलसी राम

पदार्थान्वयभाषाः - O yajaka, creator of the soma joy of life, adore and worship Agni, light of life, dearest of the dear, harbinger of the joy of life in response to your endeavour, and coming up like a visitor at will any time.