वांछित मन्त्र चुनें
422 बार पढ़ा गया

अ॒हम॑स्मि॒ सह॑मा॒नाथ॒ त्वम॑सि सास॒हिः । उ॒भे सह॑स्वती भू॒त्वी स॒पत्नीं॑ मे सहावहै ॥

अंग्रेज़ी लिप्यंतरण

aham asmi sahamānātha tvam asi sāsahiḥ | ubhe sahasvatī bhūtvī sapatnīm me sahāvahai ||

मन्त्र उच्चारण
पद पाठ

अ॒हम् । अ॒स्मि॒ । सह॑माना । अथ॑ । त्वम् । अ॒सि॒ । स॒स॒हिः । उ॒भे इति॑ । सह॑स्वती॒ इति॑ । भू॒त्वी । स॒ऽप्त्नी॑म् । मे॒ । स॒हा॒व॒है॒ ॥ १०.१४५.५

422 बार पढ़ा गया
ऋग्वेद » मण्डल:10» सूक्त:145» मन्त्र:5 | अष्टक:8» अध्याय:8» वर्ग:3» मन्त्र:5 | मण्डल:10» अनुवाक:11» मन्त्र:5


ब्रह्ममुनि

पदार्थान्वयभाषाः - (अहम्) मैं-उपनिषद्-अध्यात्मविद्या (सहमाना) कामवासना को अभिभूत करनेवाली दबानेवाली (अस्मि) हूँ (अथ) और (त्वं सासहिः) हे सोम ओषधि ! तू अत्यन्त अभिभव करनेवाली (असि) है (उभे सहस्वती) दोनों बलवाली होकर (मे-सपत्नीम्) मेरी विरोधिनी कामवासना को (सहावहै) अभिभूत करें-दबावें ॥५॥
भावार्थभाषाः - अध्यात्मविद्या बहुत बल रखती है कामवासना को दबाने के लिए और सोम ओषधि भी बल रखती है कामवासना को दबाने के लिए, दोनों का सेवन कामवासना से बचाता है ॥५॥

हरिशरण सिद्धान्तालंकार

इन्द्र-इन्द्राणी

पदार्थान्वयभाषाः - [१] (इन्द्राणी) = जितेन्द्रिय पुरुष की शक्ति इस जितेन्द्रिय पुरुष से कहती है कि (अहम्) = मैं (सहमाना अस्मि) = काम, क्रोध, लोभ आदि का पराभव करनेवाली हूँ। (अथ) = और (त्वम्) = तू (सासहि:) = इन शत्रुओं का खूब ही मर्षण करनेवाला है । इन्द्र व इन्द्राणी मिलकर शत्रुओं का निश्चित पराभव करनेवाले होते हैं । (उभे) = हम दोनों (सहस्वती भूत्वी) = शत्रु मर्षण की शक्तिवाले होकर मे मेरी (सपत्नीम्) = शत्रुभूत इस भोगवृत्ति को (सहावहै) = पराभूत करते हैं। हमें यही चाहिये कि हम आत्मिकशक्ति से सम्पन्न होकर भोगवृत्ति को विनष्ट करनेवाले बनें।
भावार्थभाषाः - भावार्थ–इन्द्र व इन्द्राणी का मेल होने पर भोगवृत्ति रूप सपत्नी का विनाश निश्चित है ।

ब्रह्ममुनि

पदार्थान्वयभाषाः - (अहम्-सहमाना-अस्मि) अहमुपनिषदध्यात्मविद्या कामवासना-मभिभवित्री खल्वस्मि (अथ त्वं सासहिः-असि) अथ च हे सोम ! त्वमत्यन्तमभिभविताऽसि (उभे सहस्वती भूत्वी) उभे सहस्वत्यौ बलवत्यौ भूत्वा (मे सपत्नीं सहावहै) मम विरोधिनीं कामवासनामभिभवावहै ॥५॥

डॉ. तुलसी राम

पदार्थान्वयभाषाः - I am patient, challenging and victorious. O soma, you too are unassailable, you and I, both challenging and victorious, we shall subdue the rival.