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अव॑ द्युता॒नः क॒लशाँ॑ अचिक्रद॒न्नृभि॑र्येमा॒नः कोश॒ आ हि॑र॒ण्यये॑ । अ॒भीमृ॒तस्य॑ दो॒हना॑ अनूष॒ताधि॑ त्रिपृ॒ष्ठ उ॒षसो॒ वि रा॑जति ॥

English Transliteration

ava dyutānaḥ kalaśām̐ acikradan nṛbhir yemānaḥ kośa ā hiraṇyaye | abhīm ṛtasya dohanā anūṣatādhi tripṛṣṭha uṣaso vi rājati ||

Pad Path

अव॑ । द्यु॒ता॒नः । क॒लशा॑न् । अ॒चि॒क्र॒द॒त् । नृऽभिः॑ । वे॒मा॒नः । कोशे॑ । आ । हि॒र॒ण्यये॑ । अ॒भि । ई॒म् । ऋ॒तस्य॑ । दो॒हनाः॑ । अ॒नू॒ष॒त॒ । अधि॑ । त्रि॒ऽपृ॒ष्ठः । उ॒षसः॑ । वि । रा॒ज॒ति॒ ॥ ९.७५.३

Rigveda » Mandal:9» Sukta:75» Mantra:3 | Ashtak:7» Adhyay:2» Varga:33» Mantra:3 | Mandal:9» Anuvak:4» Mantra:3


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ARYAMUNI

Word-Meaning: - (त्रिपृष्ठः) भूः भुवः स्वः ये तीन लोक हैं पृष्ठस्थानी जिसके, वह परमात्मा (उषसः) उषाकाल का प्रकाशक होकर (अधिविराजति) विराजमान है। (ऋतस्य) सच्चाई के (दोहनाः) दोहन करनेवाले (ईम्) इस परमात्मा को (अभ्यनूषत) उपासक गण उपासना द्वारा विभूषित करते हैं। (हिरण्यये कोशे) प्रकाशरूप अन्तःकरण में (येमानः) सम्पूर्ण नियमों का कर्ता वह परमात्मा (अचिक्रदत्) शब्दायमान होता हुआ (नृभिः) उपासक लोगों से स्तुति किया गया निवास करता है। (कलशान्) उनके अन्तःकरणों को (अवद्युतानः) निरन्तर प्रकाश करता हुआ (आ) विराजमान है ॥३॥
Connotation: - परमात्मा उषा के प्रकाशित सूर्यादिकों का भी प्रकाशक है और वह पुण्यात्माओं के स्वच्छ अन्तःकरण को हिरण्मय पात्र के समान प्रदीप्त करता है अर्थात् जो पुरुष परमात्मपरायण होना चाहे, वह पहिले अपने अन्तःकरण को स्वच्छ बनाये ॥३॥
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ARYAMUNI

Word-Meaning: - (त्रिपृष्ठः) भूर्भुवः स्वः इमे त्रयो लोकाः पृष्ठस्थानीया यस्य स परमात्मा (उषसः) उषःकालस्य प्रकाशको भूत्वा (अधिविराजति) विराजमानोऽस्ति। (ऋतस्य) सत्यस्य (दोहनाः) दोहनकर्तारः (ईम्) अमुं परमात्मानम् (अभ्यनूषत) उपासनया विभूषयन्ति। स परमात्मा (हिरण्यये कोशे) प्रकाशरूपेऽन्तःकरणे (येमानः) अखिलनियमनियामकः परमेश्वरः (अचिक्रदत्) शब्दायमानः सन् (नृभिः) उपासकैः स्तुतो निवसति। अथ च (कलशान्) तेषामन्तःकरणानि (अवद्युतानः) प्रकाशयन् (आ) विराजितोऽस्ति ॥३॥