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इन्दो॒ यदद्रि॑भिः सु॒तः प॒वित्रं॑ परि॒धाव॑सि । अर॒मिन्द्र॑स्य॒ धाम्ने॑ ॥

English Transliteration

indo yad adribhiḥ sutaḥ pavitram paridhāvasi | aram indrasya dhāmne ||

Pad Path

इन्दो॒ इति॑ । यत् । अद्रि॑ऽभिः । सु॒तः । प॒वित्र॑म् । प॒रि॒ऽधाव॑सि । अर॑म् । इन्द्र॑स्य । धाम्ने॑ ॥ ९.२४.५

Rigveda » Mandal:9» Sukta:24» Mantra:5 | Ashtak:6» Adhyay:8» Varga:14» Mantra:5 | Mandal:9» Anuvak:1» Mantra:5


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ARYAMUNI

Word-Meaning: - (इन्दो) हे परमात्मन् ! (यत्) जब तुम (पवित्रम्) पवित्र अन्तःकरणों में (परिधावसि) निवास करते हो, तब (अद्रिभिः सुतः) अन्तःकरण की वृत्तिद्वारा साक्षात्कार को प्राप्त हुए आप (इन्द्रस्य धाम्ने) कर्मयोगी पुरुष के अन्तःकरणरूपी धाम को (अरम्) अलंकृत करते हो ॥५॥
Connotation: - परमात्मा अपनी व्यापकता से कर्मयोगी पुरुषों के अन्तःकरणों को अलंकृत करता है। यद्यपि परमात्मा प्रत्येक पुरुष के अन्तःकरण को विभूषित करता है तथापि कर्मयोग वा ज्ञानयोग द्वारा जिन पुरुषों ने अपने अन्तःकरणों को निर्मल बनाया है, उनके अन्तःकरण में परमात्मा का प्रकाश विशेषरूप से प्रतीत होता है, इसीलिये योगियों के अन्तःकरणों का विशेषरूप से प्रकाशित होना कथन किया गया है ॥५॥
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ARYAMUNI

Word-Meaning: - (इन्दो) हे परमात्मन् ! त्वं (यत्) यदा (पवित्रम्) पवित्रान्तःकरणं (परिधावसि) अधितिष्ठसि तदा (अद्रिभिः सुतः) अन्तःकरणवृत्तिभिः साक्षात्कृतः (इन्द्रस्य धाम्ने) कर्मयोगिणामन्तःकरणरूपे धाम्नि (अरम्) अलङ्करोषि ॥५॥