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अ॒भि सु॑वा॒नास॒ इन्द॑वो वृ॒ष्टय॑: पृथि॒वीमि॑व । इन्द्रं॒ सोमा॑सो अक्षरन् ॥

English Transliteration

abhi suvānāsa indavo vṛṣṭayaḥ pṛthivīm iva | indraṁ somāso akṣaran ||

Pad Path

अ॒भि । सु॒वा॒नासः॑ । इन्द॑वः । वृ॒ष्टयः॑ । पृ॒थि॒वीम्ऽइ॑व । इन्द्र॑म् । सोमा॑सः । अ॒क्ष॒र॒न् ॥ ९.१७.२

Rigveda » Mandal:9» Sukta:17» Mantra:2 | Ashtak:6» Adhyay:8» Varga:7» Mantra:2 | Mandal:9» Anuvak:1» Mantra:2


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ARYAMUNI

Word-Meaning: - (इन्दवः) सर्वैश्वर्यसम्पन्न (सोमासः) परमात्मा (अभि सुवानासः) भक्तों से सेवन किया गया (इन्द्रम्) सेवक को ऐश्वर्यसम्पन्न करके (अक्षरन्) दयावृष्टि से आर्द्र करता है, जिस प्रकार (वृष्टयः पृथिवीम् इव) वृष्टियें पृथिवी को आर्द्र करती हैं, इस प्रकार सबको आर्द्र करता है ॥२॥
Connotation: - जिस प्रकार वर्षाकाल की वृष्टियें धरातल को सिक्त करके नाना प्रकार के अङ्कुर उत्पन्न करती हैं, इसी प्रकार परमात्मा की कृपादृष्टियें उपासकों के हृदय में नाना प्रकार के ज्ञान-विज्ञानादि भावों को उत्पन्न करती हैं ॥२॥
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ARYAMUNI

Word-Meaning: - (इन्दवः) सर्वैश्वर्यसम्पन्नः (सोमासः) परमात्मा (अभि सुवानासः) भक्तैः सेव्यमानः (इन्द्रम्) स्वसेवकमैश्वर्यसम्पन्नं सम्पाद्य (अक्षरन्) दयावृष्ट्या आर्द्रयति यथा (वृष्टयः पृथिवीम् इव) वृष्टयः भूमिमार्द्रयन्ति तद्वत् ॥२॥