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स यु॒ध्मः सत्वा॑ खज॒कृत्स॒मद्वा॑ तुविम्र॒क्षो न॑दनु॒माँ ऋ॑जी॒षी। बृ॒हद्रे॑णु॒श्च्यव॑नो॒ मानु॑षीणा॒मेकः॑ कृष्टी॒नाम॑भवत्स॒हावा॑ ॥२॥

English Transliteration

sa yudhmaḥ satvā khajakṛt samadvā tuvimrakṣo nadanumām̐ ṛjīṣī | bṛhadreṇuś cyavano mānuṣīṇām ekaḥ kṛṣṭīnām abhavat sahāvā ||

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Pad Path

सः। यु॒ध्मः। सत्वा॑। ख॒ज॒ऽकृत्। स॒मत्ऽवा॑। तु॒वि॒ऽम्र॒क्षः। न॒द॒नु॒ऽमान्। ऋ॒जी॒षी। बृ॒हत्ऽरे॑णुः। च्यव॑नः॒। मानु॑षीणाम्। एकः॑। कृ॒ष्टी॒नाम्। अ॒भ॒व॒त्। स॒हऽवा॑ ॥२॥

Rigveda » Mandal:6» Sukta:18» Mantra:2 | Ashtak:4» Adhyay:6» Varga:4» Mantra:2 | Mandal:6» Anuvak:2» Mantra:2


SWAMI DAYANAND SARSWATI

फिर उसी विषय को कहते हैं ॥

Word-Meaning: - हे राजन् ! जो (युध्मः) युद्ध करनेवाला (सत्वा) बलवान् (समद्वा) अच्छे प्रकार स्वादु भोजन करनेवाला (तुविम्रक्षः) बहुत स्नेहयुक्त (नदनुमान्) बहुत शब्द विद्यमान जिसमें ऐसा और (ऋजीषी) सरल चलनेवाला (बृहद्रेणुः) बड़ी धूलि जिसमें वह (च्यवनः) जानेवाला (मानुषीणाम्) मनुष्यसम्बन्धिनी सेनाओं (कृष्टीनाम्) मनुष्यों के मध्य में (एकः) सहायरहित (सहावा) सहनशील (खजकृत्) संग्राम करनेवाला वीर (अभवत्) होवे (सः) वही आप से राज्य की रक्षा के निमित्त नियुक्त करने योग्य है ॥२॥
Connotation: - राजा को चाहिये कि राजकर्म्मचारी को उत्तम प्रकार परीक्षा करके राज्य व्यवहार में नियुक्त करे, जिससे प्रजा के सुख की वृद्धि हो ॥२॥

HARISHARAN SIDDHANTALANKAR

खजकृत् समद्वा

Word-Meaning: - [१] (सः) = वे प्रभु (युध्मः) = युद्ध कुशल हैं। (सत्वा) = वासनाओं के साथ संग्राम के लिए 'इन्द्रियों, मन व बुद्धि' रूप अस्त्रों के दाता हैं [सत्वा = दाता] | (खजकृत्) = हमारे लिए इन वासनाओं के साथ संग्राम करनेवाले हैं। (समद्वा) = अपने यजमान जीवरूप मित्रों के साथ आनन्दित होनेवाले हैं। (तुविम्रक्षः) = शत्रुओं पर महान् आघात करनेवाले हैं। (नदनुमान्) = हृदयस्थरूपेण शब्द करनेवाले हैं, कर्त्तव्यों की प्रेरणा देनेवाले हैं और (ऋजीषी) = हमें ऋजु मार्ग से ले चलनेवाले हैं। [२] (बृहद्रेणुः) = वे प्रभु महान् गतिवाले हैं [रीङ्गतौ] (च्यवनः) = शत्रुओं को च्युत करनेवाले हैं। (एकः) = वे अद्वितीय प्रभु (मानुषीणां कृष्टीनाम्) = मानव प्रजाओं के सहावा [सह अवति] साथ रहकर रक्षा करनेवाले (अभवत्) = होते हैं ।
Connotation: - भावार्थ- प्रभु हमारे लिये हमारे वासनारूप शत्रुओं के साथ युद्ध करते हैं।

SWAMI DAYANAND SARSWATI

पुनस्तमेव विषयमाह ॥

Anvay:

हे राजन् ! यो युध्मः सत्वा समद्वा तुविम्रक्षो नदनुमानृजीषी बृहद्रेणुश्च्यवनो मानुषीणां कृष्टीनामेकस्सहावा खजकृद्वीरोऽभवत् स एव त्वया राज्यरक्षणाय नियोक्तव्यः ॥२॥

Word-Meaning: - (सः) (युध्मः) योद्धा (सत्वा) बलवान् (खजकृत्) यः खजं सङ्ग्रामं करोति। खज इति सङ्ग्रामनाम। (निघं०१.१७) (समद्वा) सम्यगत्ति स्वादुः भुङ्क्ते सः (तुविम्रक्षः) बहुस्नेहः (नदनुमान्) नदनवो बहवः शब्दा विद्यन्ते यस्मिँत्सः (ऋजीषी) ऋजुगामी (बृहद्रेणुः) बृहन्तो रेणवो यस्मिँत्सः (च्यवनः) गन्ता (मानुषीणाम्) मनुष्यसम्बन्धिनीनां सेनानाम् (एकः) असहायः (कृष्टीनाम्) मनुष्याणाम् (अभवत्) भवेत् (सहावा) सहनकर्त्ता ॥२॥
Connotation: - राज्ञा राजकर्म्मचारी सम्परीक्ष्य राज्यव्यवहारे नियोक्तव्यः येन प्रजायाः सुखं वर्धेत ॥२॥

DR. TULSI RAM

Word-Meaning: - Indra is a hero, strong and realistic, a warrior, socially committed, all loving and friendly, eloquent, simple, natural and honest, dynamic, stormy in movement, and a unique embodiment of courage and tolerance among the best of thinking humanity.

ACHARYA DHARMA DEVA VIDYA MARTANDA

The same subject of duties of a ruler is dealt.

Anvay:

O king ! you should appoint him for the protection (security or defense) of State, who is a good warrior, mighty heroic fighter in battles, eater of good delicious and nourishing food, great lover of all good men, (and) loudly roaring, man of upright nature. He whirls the dust on high (inwards) (in fighting the enemy) active and overthrower, forbearer of the attacks made by (defender from) men of different directions and great destroyer of his foes, even single handed.

Word-Meaning: - N/A
Connotation: - A king should appoint an officer after testing him very well, so that the happiness of the people may increase.

MATA SAVITA JOSHI

N/A

Word-Meaning: - N/A
Connotation: - राजाने राज्य कर्मचाऱ्याची उत्तम परीक्षा करून राज्यव्यवहारात नियुक्त करावे, ज्यामुळे प्रजेचे सुख वाढावे. ॥ २ ॥